Dard e Dil shayari – Dil ko rula dene wali shayari in Hindi

dil ko chune wale quotes in hindi

Dil ko rula dene wali Shayari in Hindi

 

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काश की खुदा ने दिल शीशे के बनाये होते,

तोड़ने वाले के हाथों में जख्म तो आए होते।

 

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अपने आँचल से बाँध लूं दिल को,

कहीं तेरे ख्यालों के साथ उड़ न जाये,

थाम लूँ हाथ इसका कसकर,

कहीं तेरी यादों में राह से मुड़ न जाये।

समझाउंगी इसे प्यार से,

बहलाउंगी अलग-अलग अंदाज़ से,

अपन गले से लगाकर रखूंगी इसे,

कहीं तेरे दिल से फिर न जुड़ जाये।

 

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तुम्हारा दिल मिरे दिल के बराबर हो नहीं सकता

वो शीशा हो नहीं सकता ये पत्थर हो नहीं सकता

 

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यूँ तसल्ली दे रहे हैं हम दिल-ए-बीमार को,

जिस तरह थामे कोई गिरती हुई दीवार को।

 

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दिल की वीरानी का क्या मज़कूर है

ये नगर सौ मर्तबा लूटा गया

 

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इजहार-ए-इश्क करूं या पूछ लूं तबियत उनकी,

ऐ दिल कोई तो बहाना बता उनसे बात करने का।

 

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तेरा नाम था आज अजनबी की जुबान पर,

बात जरा सी थी पर दिल ने बुरा मान लिया।

 

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दिल टूटने से थोड़ी सी तकलीफ़ तो हुई

लेकिन तमाम उम्र को आराम हो गया

 

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तू ही बता ए दिल कि तुझे समझाऊं कैसे,

जिसे चाहता है तू उसे नज़दीक लाऊँ कैसे,

यूँ तो हर तमन्ना हर एहसास है वो मेरा,

मगर उस एहसास को ये एहसास दिलाऊं कैसे।

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Dil ko chune wale quotes in Hindi

 

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आप पहलू में जो बैठें तो सँभल कर बैठें

दिल-ए-बेताब को आदत है मचल जाने की

 

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इश्क़ हारा है तो दिल थाम के क्यों बैठे हो,

तुम तो हर बात पर कहते थे कोई बात नहीं।

 

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उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

देखा इस बीमारी-ए-दिल ने आख़िर काम तमाम किया

 

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ए दिले नादान तुझे हुआ क्या है,

आखिर इस दर्द की दवा क्या है,

हमको उनसे है उम्मीद वफ़ा की,

जो जानते ही नहीं वफ़ा क्या है।

 

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हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका

मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया

 

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न हम रहे दिल लगाने के काबिल,

न दिल रहा ग़म उठाने के काबिल,

लगे उसकी यादों के जो ज़ख़्म दिल पर,

न छोड़ा उसने मुस्कुराने के काबिल।

 

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दिल दे तो इस मिज़ाज का परवरदिगार दे

जो रंज की घड़ी भी ख़ुशी से गुज़ार दे

 

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शायरी लिखना कौन जाने,

शायरी तो खुद-बा-खुद बन जाती है,

जब दिल भर आता है तो,

कलम खुद-बा-खुद चल जाती है।

 

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अच्छा है दिल के साथ रहे पासबान-ए-अक़्ल

लेकिन कभी कभी इसे तन्हा भी छोड़ दे

 

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दिल की नाज़ुक धड़कनो को…

मेरे सनम तुमने धड़कना सिखा दिया,

जब से मिला है तेरा प्यार दिल को,

ग़म मे भी मुस्कुराना सिखा दिया।

 

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अर्ज़ ओ समा कहाँ तिरी वुसअत को पा सके

मेरा ही दिल है वो कि जहाँ तू समा सके

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